राजनीति: राजस्थान में दबे पांव जगह बना रही नई पार्टियां, अभिनव ने जोधपुर में सभा कर ध्यान खींचा

अध्यक्ष अशोक चौधरी बोले-हम आरोपों की नहीं, मुद्दों की राजनीति करने आए हैं, ध्येय है-नागरिक प्रथम

आरएनई, स्टेट ब्यूरो। राजस्थान की चुनावी राजनीति में चर्चित पार्टियो की बात करें तो कांग्रेस, भाजपा के बाद रालोपा, बसपा, कम्युनिस्ट पार्टी, आदिवासी अंचल में बीटीपी आदि नाम आते हैं। इससे इतर कुछ ऐसी पार्टियां भी हैं जो महीनों से जमीनी स्तर पर काम करते हुए धीरे-धीरे अपना जनाधार बनाती जा रही है और अब चुनाव से ठीक पहले ताकत दिखाने लगी है। इन्हीें में एक है अभिनव राजस्थान पार्टी।


अभिनव ने रविवार को जोधपुर के रावण का चबूतरा मैदान में अपनी जनसभा की। यहां उमड़े लोगों की संख्या देख राजनीतिक विश्लेषकों की नजर भी इस पर गई। इसके साथ ही पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चौधरी की इस घोषणा ने भी ध्यान खींचा है कि वे राजस्थान की सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
घोषणा के मुताबिक चुनाव लड़ पाएं या न लड़ पाएं यह बाद की बात है लेकिन एक नई आहट ने चौंकाया जरूर है। चौंकाया इसलिए हैं कि यहां हुई बातों में से अधिकांश धरातल के मुद्दे हैं। मसलन, फसल बीमा पर कांग्रेस-भाजपा एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं लेकिन चौधरी ने तथ्यों के साथ दोनों सरकारों के काम की वास्तविकता सामने रखी ।

ऐसे ही कई मुद्दों का जिक्र कर बोले, हम आरोप-प्रत्यारोप की नहीं मुद्दों की राजनीति करने आए हैं। ऐसा कहने के साथ किसानों, युवाओं, पशुपालकों, ट्रक ड्राइवरों से लेकर कामगारो-मजदूरों तक की वास्तविकता स्थिति और जरूरतें डा.चौधरी ने बताई। ऐसे में यह साफ हो गया कि मुद्दो की वास्तविकता पर न केवल अध्ययन है वरन धरातल पर काम भी हुआ है।


पार्टी से जुड़े डॉ.एम.पी.बुडानिया कहते हैं, आप कहने को इसे राजनीति कह सकते हैं लेकिन यह एक आंदोलन है। पूरी तरह अहिंसात्मक मुद्दों का आंदोलन। इसमें कार्यकर्ता महीनों से गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों की जरूरतें समझ रहे हैं। उन्हें अपने अधिकार बता रहे हैं। उनके अधिकारों के लिए कई जगह संघर्ष भी किया है। आगे भी करेंगे। हम महज यह बता रहे हैं कि अपने मुद्दों के लिए खुद आगे आएं। अभिनव के साथ खुद अपनी सरकार बनाएं। हमारा ध्येय है-नागरिक प्रथम।

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